WhatsApp Group Telegram Group

Current Topic 17 – 06 – 2021

Current Topic 17 – 06 – 2021

★ यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी लकड़ी से बना दुनिया का पहला उपग्रह करेगी लॉन्च

√ हाल ही में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने वर्ष 2021 के अंत तक लकड़ी से बना दुनिया का पहला उपग्रह ‘विसा वुडसैट’ को पृथ्वी की कक्षा में लांच करने की घोषणा की है ।

√ इस उपग्रह को नवंबर, 2021 तक लैब इलेक्ट्रॉन रॉकेट के साथ न्यूजीलैंड के माहिया पेनिनसुला लॉन्च कॉम्प्लेक्स से लॉन्च किया जाएगा ।

√ अंतरिक्ष यान संरचनाओं में प्लाईवुड जैसी लकड़ी की सामग्री के उपयोग का परीक्षण करने के लिए इसे लॉन्च किया जाएगा ।

√ यह मिशन लकड़ी की सामग्री को चरम अंतरिक्ष स्थितियों जैसे गर्मी, ठंड, वैक्यूम और विकिरण के संपर्क में लाएगा ।

√ इस सैटेलाइट को फिनलैंड में डिजाइन और निर्मित किया गया है ।

◆ उपग्रह की विशेषताएं

√ यह उपग्रह ध्रुवीय सूर्य-समकालीक कक्षा में लगभग 500-600 किमी की ऊंचाई पर परिक्रमा करेगा ।

√ यह एक 10×10×10 सेमी नैनो उपग्रह है जिसे प्लाईवुड के मानकीकृत बक्से और सतह पैनलों का उपयोग करके बनाया गया था जो आमतौर पर हार्डवेयर स्टोर में पाए जाते हैं और फर्नीचर बनाने के लिए उपयोग किए जाते हैं ।

√ लकड़ी से आने वाली बाष्प को कम करने और परमाणु ऑक्सीजन के क्षरणकारी प्रभावों से बचाने के लिए इसमें एल्यूमीनियम ऑक्साइड की पतली परत लगाई गई है ।

◆ जापान वर्ष 2023 तक लॉन्च करेगा लकड़ी से बना उपग्रह

√ दिसंबर, 2020 में जापान की सुमितोमो फॉरेस्ट्री कंपनी और क्योटो यूनिवर्सिटी ने अंतरिक्ष में कचरे की समस्या से निपटने के लिए वर्ष 2023 तक दुनिया का पहला लकड़ी से बना अंतरिक्ष उपग्रह लांच करने की घोषणा की थी लेकिन यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी वर्ष 2021 के अंत तक यह कार्य सफलतापूर्वक कर लेती है तो यह रिकॉर्ड उसके नाम दर्ज होगा ।

√ वर्तमान में जापान में यह प्रक्रिया अपने शुरुआती चरण में है क्योंकि अंतरिक्ष मिशन के लिए एक उपयुक्त साधन खोजने के लिए अनुसंधान टीम द्वारा कई लकड़ी सामग्री का परीक्षण किया जा रहा है ।

√ साथ ही टीम तापमान में बदलाव और धूप के प्रति बेहद प्रतिरोधी लकड़ी की सामग्रियों को विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है ।

√ यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी सांख्यिकीय मॉडल के अनुसार अंतरिक्ष में मानव द्वारा की गई गतिविधियों के कारण अवशेषों के 130 मिलियन से अधिक टुकड़े हैं जो हमारे ग्रह के चारों ओर एक मिलीमीटर से छोटे हैं ।

√ यह अवशेष अथवा मलबे के टुकडे 22,300 मील प्रति घंटे से अधिक की गति से यात्रा करता कर सकता है, जो अन्य उपग्रहों को क्षति पहुंचा सकते हैं ।

◆ एनविजन ऑर्बिटर

√ 10 जून, 2021 को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने शुक्र ग्रह का अध्ययन करने के लिए ‘एनविजन’ नामक अपनी प्रोब की घोषणा की है ।

√ एनविजन शुक्र ग्रह के ऊपर चक्कर लगाने वाला अगला ऑर्बिटर होगा ।

√ इस मिशन का उद्देश्य शुक्र ग्रह के वायुमंडल और सतह का अध्ययन करना है तथा यह पता लगाएगा कि कैसे और क्यों शुक्र और पृथ्वी इतने अलग-अलग विकसित हुए ।

√ इसे वर्ष 2030 के दशक में लॉन्च किए जाने की संभावना है ।

√ यह मिशन एरियन 6 रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा ।

√ अंतरिक्ष यान को शुक्र तक पहुंचाने में लगभग 15 महीने लगेंगे ।

√ यह एक ऑर्बिटर मिशन है ।

◆ यूरोपीय अंतरिक्ष संस्थान

√ यह 22 सदस्य देशों वाला एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो यूरोप की अंतरिक्ष क्षमता के विकास को प्रदर्शित करता है ।

√ यह अपने सदस्यों के वित्तीय और बौद्धिक संसाधनों को समन्वित करता है ।

√ यह यूरोपीय देशों के बाहर भी अपने कार्यक्रम और गतिविधियों को संचालित करता है ।

√ ESA का मुख्यालय पेरिस में स्थित है ।

√ इसकी स्थापना वर्ष 1975 में हुई थी।

√ ESA का अंतरिक्ष पत्तन दक्षिण अमेरिका के फ्रेंच गुयाना में स्थित है ।

Download Current Topic PDF